ममता बनर्जी के विरोध के बावजूद EC का बड़ा कदम, 152 रिटर्निंग अधिकारी प्रमोट

पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। आयोग ने राज्य के 152 विधानसभा क्षेत्रों में कार्यरत रिटर्निंग अधिकारियों (RO) को पदोन्नत कर उन्हें एसडीएम (सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट) या समकक्ष स्तर का अधिकारी बना दिया है। इस फैसले के बाद अब राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर रिटर्निंग अधिकारी एसडीएम या उससे उच्च स्तर के अधिकारी होंगे। चुनाव आयोग का कहना है कि यह कदम राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
बताया जा रहा है कि यह निर्णय पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कड़े विरोध के बावजूद लिया गया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, पूरे देश के अन्य राज्यों में भी विधानसभा चुनाव के दौरान रिटर्निंग अधिकारियों का स्तर एसडीएम या उससे ऊपर का होता है। इसी व्यवस्था को लागू करते हुए आयोग ने पश्चिम बंगाल में भी यह बदलाव किया है।
इस फैसले को चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि उच्च स्तर के प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति से चुनावी प्रक्रिया की निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या विवाद की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।
इस बीच, सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग जल्द ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। माना जा रहा है कि 16 मार्च को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जा सकती है। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 14 मार्च को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित बीजेपी की ‘परिवर्तन यात्रा’ की अंतिम रैली के दो दिन बाद होने की संभावना है।
चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराए जाने की संभावना है। पहला चरण अप्रैल के दूसरे या तीसरे सप्ताह में हो सकता है। इसके साथ ही उसी दिन असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में भी विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जा सकता है।